अनिल अंबानी को जाना पड सकता है जेल !
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by the economic times |
इस मामले में जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस विनीत शरण की बेंच ने फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अनिल अंबानी के साथ रिलायंस टेलीकॉम के चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल की अध्यक्ष छाया विरानी को भी आदेश न मानने का दोषी पाया है. सुप्रीम कोर्ट के अदालत ने रिलायंस टेलीकॉम और रिलायंस इंफ्राटेल को चार हप्ते के अंदर सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री में एक - एक करोड रुपये जमा करने को कहा है. ऐसा न करने पर कंपनी के चेयरमैन को एक महीने की सजा और भुगतनी पडेगी. कोर्ट के रजिस्ट्री में पहिले ही अनिल अंबानी की कंपनी की और से जमा कराये गए 118 करोड रुपये का भुकतान भी Ericsson कंपनी को करने का आदेश दिया है.
Ericsson कंपनी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 13 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रखा था. Ericsson इंडिया ने आरोप लगाया था की रिलायंस ग्रुप के पास राफेल विमान के निवेश के लिए पैसे है. पर वे उसके 550 करोड भुकतान नहीं कर रहा है. अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी ने इसे आरोप को से इनकार किया है.
अदालत में अनिल अंबानी ने क्या दी दलील ?
अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा की मुकेश अंबानी की रिलायंस जिओ के साथ प्रॉपर्टी की बिक्री का उसका सौदा फेल गया है. इस पर कंपनी करवाई कर रही है. Ericsson कंपनी के भुगतान के लिए उसने सारे प्रयास किये. पर पैसे चूका नहीं पाए. असल में जिओ के साथ उसका सौदा नहीं हो पाया इसलिए।
अब क्या चाहती है रिलायंस कम्युनिकेशन ?
रिलायंस कम्यूनिकेशन ने दिवालिया कानून के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल एनसीएलटी में अर्जी देने का फैसला किया है. एनसीएलटी में दिवालिया मामलो पर सुनवाई होती है. एनसीएलटी में रिलायंस कम्युनिकेशन की अर्जी मंजूर होने पर अनिल अंबानी को कर्ज चुकाने के लिए करीब 9 महीने का वक्त मिल जायेगा.रिलायंस कमुनिकेशन पर अलग अलग बैंको का करीब 38,000 करोड रुपये का कर्ज है. इसी कर्ज में से Ericsson कंपनी का भी करीब 550 करोड रुपये का बकाया है. Ericsson कंपनी से विवाद से चलते अनिल अंबानी की मुश्किलें प्रति दिन बढ़ती जा रही है.



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