मुंबई के तिलक मेहता ने 13 साल की उम्र में में बनाई खुदकी कंपनी
मुंबई के तिलक मेहता ने 13 साल की उम्र में में बनाई खुदकी कंपनी
अगले दो साल में 100 करोड़ कमाने का लक्ष्य है 8वी में पढ़ने वाले तिलक मेहता का. जो एक लॉजिस्टिक कंपनी के फाउंडर है.

तिलक मेहता ने 13 साल की उम्र में में बनाई खुदकी कंपनी
DATE - 27/2/2019
कहा जाता है प्रतिभा की कोई उम्र नहीं होती. ऐसा ही कुछ कारनामा किया है मुंबई के रहने वाले तिलक मेहता ने. तिलक मेहता जो की 8वी कक्षा में पड़ते है. तिलक ने 13 साल की उम्र में paper n parcel नाम की एक लॉजिस्टिक कंपनी की स्थापना की है.
तिलक मेहता अपने स्कूल के साथ बिज़नेस जिसमे उनके चाचा उनकी मदत करते है.
कैसे शुरवात की थी इसकी ?
तिलक बताते है की, इसकी शुरवात जब वो अपने चाचा घर पर थे और वहा पर उनको एक बुक कुरियर करनी थी उसमे थोड़ी परेशानी हो रही थी. और उसका खर्चा भी ज्यादा आता है. और दूसरी तरफ डब्बेवाले एक डब्बा 50-60 रुपए में डिलेवरी करते है. इसे ही मुझे इस स्टार्टअप की आईडिया आई.
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| तिलक मेहता और घनश्याम पारेख जो सीईओ है. photo by rediff |
कैसे काम करती है paper n parcel ?
पेपर एंड पार्सल (PNP) मुंबई के डब्बेवाले के साथ काम करती है. जिसमे उनके मोबाइल ऍप से आपको कुरियर का आर्डर देना होता है. अभी PNP हर दिन 1500 से ज्यादा पार्सल डिलीवर करते है. PNP में अभी कुल 600 लोग काम कर रहे है. जिसमे 200 कर्मचारी और 400 डब्बेवाले काम करते है.
परिवार करता है मदत.
तिलक ने बताया की इस सब में उनके परिवार ने उनको अच्छी साथ दी. जब ये आईडिया उन्होने अपने घर वालो को बताया तो सब उनके साथ खड़े रहे. उनके चाचा घनश्याम पारेख उनको इस में मदत करते है.
घनश्याम पारेख पेपर एंड पार्सल (PNP) के CEO है.
आईडिया सुने के बाद उन्होने अपनी बैंक की अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी है.
आगे का क्या लक्ष्य है ?
तिलक मेहता ने बताया की 2020 तक उनको टर्नओवर 100 करोड़ तक बढ़ाना है. अभी हमारा लक्ष्य मुंबई में रोजाना 1 लाख डिलेवरी करने का है उसके बाद वो दूसरे महानगरों में इसको बढ़ाएंगे.


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