All know about Geneva convection- क्या है जिनेवा कन्वेक्शन ?

All know about Geneva convection- क्या है जिनेवा कन्वेक्शन  ?

 जिनेवा कन्वेक्शन कोई भी देशो के बिच सशस्त्र संघर्ष होता है तभी इसका उपयोग किया जाता है. इसके उपयोग से युद्ध कैदी या सामन्य नागरिको को किसी तरह की कोई तकलीफ नहीं दे सकती.

geneva convection original
 जिनेवा कन्वेक्शन का समझोता
DATE-28/2/2019

1949 में जिनेवा कन्वेक्शन का समझोता हुवा था. जिसमे 4 संधिया और 3 प्रोटोकॉल शामिल है. जिनेवा कन्वेक्शन एक अंतराष्टीय युद्ध कानून है जो की किसी भी युद्ध के दौरान किसी भी सैनिक या नागरिक के साथ कैसे व्यव्हार हो इसको निर्धारित करता है. सैनिक या नागरिको को मानवता के तहत जख्मी होने पर उनको उपचार की हमी देता है. इसके तहत किसी भी युद्ध कैदी को पकडे जाने पर उसको मानवीय तरीके से व्यव्हार कर चाहिए. उनको कोई भी यातना देने से जिनेवा कन्वेक्शन रोकता है. 

कब हुई थी इसकी पहल ?
1859में सोल्फेरिनो के युद्ध के बाद स्विस व्यापारी हेनरी डुनांट घायलों से मिलने गए थे. तभी उन्होने वहा पर सैनिको उपचार की कमी को देखकर चौक गए. इसी भयानक दृश्य के बाद उन्होने अपनी किताब A MEMORY OF SOLFERINO इसकी इसकी भयानकता लिखी. उसके बाद 1864 में उन्होने जिनेवा कन्वेक्शन की पहल की.


क्या है जिनेवा कन्वेक्शन के 4 कन्वेक्शन ?  
जिनेवा कन्वेक्शन में कुल मिलाकर अब तक 4 कवेक्शन हुए हर बार हर कन्वेक्शन में कुछ न कुछ सुधार हुवा है.   
  • पहिला कन्वेक्शन 1864 में हुवा था जो घायल और बीमार सैनिको की सुधर के लिए था 
  • दूसरा कन्वेक्शन 1907 में हुवा था जो 1949 घायल और बीमार नौसेनिक  की सुधर के लिए था
  • तीसरा जिनेवा कन्वेक्शन 1929 में हुवा था जो युद्ध कैदी के सुधर के लिए था 
  • चौथा जिनेवा कन्वेक्शन में युद्ध के दौरान सामन्य नागरिकों के सरक्षण के लिए था

IHL geneva convection

कुछ खास बाते जिनेवा कन्वेक्शन के बारे में 

जिनेवा कन्वेक्शन कोई भी देशो के बिच सशस्त्र संघर्ष होता है तभी इसका उपयोग किया जाता है. इसके उपयोगसे युद्ध कैदी या सामन्य नागरिको को किसी तहत कोई तकलीफ नहीं दी सकती.


अगर युद्ध में दो या दो से अधिक देश शामिल है तो जिनोने जिनेवा कन्वेक्शन के करार पर स्वाक्षरी की है उनके बिच ये युद्धविराम के दौरान और बाद भी लागु होता है. 


जिनेवा कन्वेक्शन में अगर एक राष्ट्र ने भी स्वाक्षरी की हो तो लागु होता है भले ही दूसरे राष्ट्र ने इसे स्वाक्षर नहीं क्या हो. सिर्फ इसके लिए उसे कन्वेक्शन के सभी प्रावधन को स्वीकार करना चाहिए . 

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